Sunday, May 7, 2023

आनलाइन एरियर भुगतान प्रणाली बेसिक शिक्षा परिषद 31 मार्च 2023



प्रेषक,

सचिव
उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद
प्रयागराज |


सेवा में,

1. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
समस्त जनपद, उ०प्र० ।
2. वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा,
समस्त जनपद, उ०प्र० ।


पत्रांक : बे०शि०प० / 40065 - 386 / 2022-23, दिनांक : 31-03-2023

विषय : परिषदीय शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों हेतु मानव सम्पदा पोर्टल पर एरियर भुगतान एवं मृतक आश्रित नियुक्ति हेतु प्रक्रिया ऑनलाइन किये जाने के सम्बन्ध में ।


महोदय,

उपर्युक्त विषयक का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जो परिषदीय शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों हेतु मानव सम्पदा पोर्टल पर एरियर भुगतान एवं मृतक आश्रित नियुक्ति हेतु प्रक्रिया ऑनलाइन किये जाने के सम्बन्ध में है ।

अवगत कराना है कि उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के एरियर भुगतान एवं मृतक आश्रित नियुक्ति हेतु राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र लखनऊ द्वारा विकसित पोर्टल को दिनांक 01.04.2023 से ऑनलाईन किया जा रहा है।

इस सम्बन्ध में आपको निर्देशित किया जाता है कि दिनांक 01.04.2023 से समस्त प्रकार के एरियर भुगतान एवं मृतक आश्रित नियुक्ति हेतु आवेदन मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम ऑनलाईन लिया जायेगा तथा समस्त कार्यवाही पत्र के साथ संलग्न विवरण (यूजर मैनुअल) के अनुसार समयार्न्तगत की जायेगी ।

यूजर मैनुअल के सम्बन्ध में विडियो कान्फ्रेंसिग हेतु तिथि व लिंक पृथक से उपलब्ध कराया जायेगा | कृपया उक्त से अवगत होते हुए अग्रतर आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें।


संलग्नक - उक्तवत् ।

भवदीय,
प्रताप सिंह बघेल
सचिव उ०प्र०, बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज |




पृ०सं० : बेoशिoप०/ 40065-386/2022-23 तद्दिनांक ।




प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :-
1. विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा अनुभाग-5, उ0प्र0 शासन लखनऊ ।
2. महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उ०प्र० लखनऊ ।
3. शिक्षा निदेशक (बेसिक), उ०प्र०, लखनऊ ।
4. जिलाधिकारी समस्त जनपद, उ०प्र० ।
5. समस्त मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), उ0प्र0 |
6. खण्ड शिक्षा अधिकारी, समस्त जनपद, उ०प्र० ।





Tuesday, March 7, 2023

डिकोडिंग तथा डिकोडिंग के लिए बुनियादी कौशल

SIEMAT (State Institute of Educational Management and Training राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान) प्रयागराज के अनुसार -



किसी लिखे हुए शब्द को पढ़ने या पहचानने के लिए उस शब्द के वर्ण/अक्षर ध्वनि को पहचानना और ध्वनियों को एक साथ जोड़कर उच्चारित करने की प्रक्रिया डिकोडिंग कहलाती है।










Monday, February 27, 2023

हिन्दी भाषा शिक्षण

1. डिकोडिंग क्या है ?

A. शब्दों को उनकी आकृति के रूप में पढ़ना
B. अक्षर और ध्वनि को पहचान कर उच्चारण करना
C. चित्र देखकर शब्द की पहचान करना
D. पाठ को अच्छी गति के साथ पढ़ना
सही उत्तर - अक्षर और ध्वनि को पहचान कर उच्चारण करना


2. पठन कौशल के क्रमवार चरण क्या हैं ?
क) डिकोडिंग
ख) धाराप्रवाह पठन
ग) लोगोग्रफिक

घ) अनुकूल वातावरण


A. ग, ख, क, घ
B. क, ख, घ, ग
C. घ, ग, क, ख
D. घ, ग, ख, क

सही उत्तर -


3. लेखन कौशल के घटक क्या हैं ?
A. बुनियादी लेखन कौशल
B. उच्चस्तरीय लेखन कौशल
C. उपर्युक्त दोनों
D. इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर - C. उपर्युक्त दोनों


4. लेखन कौशल के चरणों को क्रमबद्ध कीजिए-
अ) मध्यवर्ती लेखन
ब) डिकोडिंग
स) उभरता लेखन
द) स्वतंत्र लेखन
A. अ, ब, स, द
B. स, ब, अ, द
C. द, अ, ब, स
D. ब, स, अ, द

सही उत्तर - B. स, ब, अ, द



5. 'अधजल गगरी छलकत जाय' है -
A. मुहावरा और लोकोक्ति
B. मुहावरा
C. लोकोक्ति
D. कहावत
सही उत्तर - लोकोक्ति



6. पत्र-पत्रिकाएं भाषा सीखने में -
A. बाधक हैं
B. त्रुटियों को बढ़ावा देती हैं
C. पढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं
D. भ्रामक हैं
सही उत्तर - पढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं



7. शिक्षण योजना के मुख्य घटक होते हैं -
A. पाठ
B. सीखने के प्रतिफल
C. शिक्षण प्रक्रिया
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर - उपर्युक्त सभी



8. भाषा अर्जन में महत्वपूर्ण है -
A. भाषा का शिक्षक
B. भाषा का व्याकरण
C. पाठ्यपुस्तक
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर - भाषा का व्याकरण



9. अपेक्षित अधिगम - वास्तविक अधिगम = ?
A. अधिगम सम्प्राप्ति
B. न्यूनतम सम्प्राप्ति
C. लर्निंग गैप
D. आभासी अधिगम
सही उत्तर - लर्निंग गैप



10. कार्यपत्रक अवसर प्रदान करता है -
A. अभ्यास कार्य में
B. लेखन में
C. प्रतिक्रिया देने में
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर - उपर्युक्त सभी



11. उपचारात्मक शिक्षण की सफलता निर्भर करती है -
A. समस्याओं की सही पहचान कर उनका निवारण
B. केवल उपचारात्मक शिक्षण की सामग्री पर
C. भाषिक नियमों के ज्ञान पर
D. समय व अवधि पर
सही उत्तर - समस्याओं की सही पहचान कर उनका निवारण



12. बच्चों में अपेक्षित अधिगम सम्प्राप्ति न होने का कारण क्या है?
A. पारिवारिक वातावरण
B. माता-पिता की शैक्षिक स्थिति
C. कोविड-19 एवं अन्य परिस्थितियाँ
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर - उपर्युक्त सभी



13. भाषा की दक्षताएँ हैं -
A. सुनना, बोलना
B. पढ़ना
C. लिखना
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर - उपर्युक्त सभी



14. राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 में शिक्षा व्यवस्था को परिवर्तित किया गया है -
A. 10 + 2
B. 5 + 3 + 4 + 3
C. 5 + 4 + 3 + 2
D. 5 + 3 + 3 + 4
सही उत्तर - 5 + 3 + 3 + 4



15. बच्चों के लिए बनायी गयी कार्यपुस्तिका में कुल कितने भाग हैं?
A. दो
B. तीन
C. चार
D. पांच
सही उत्तर -


16. उपचारात्मक (रिमीडियल) शिक्षण योजना कितने दिवस की है?
A. 25
B. 40
C. 50
D. 60
सही उत्तर - 50


17. कक्षा 6 से 8 में उपचारात्मक (रिमीडियल) शिक्षण हेतु कितने प्रकार की सामग्री विकसित की गयी है?
A. 1
B. 2
C. 3
D. 4
सही उत्तर -


18. उपचारात्मक (रिमीडियल) शिक्षण हेतु विकसित किये गए प्रशिक्षण मॉड्यूल का क्या नाम है?
A. दक्ष
B. समर्थ
C. निपुण
D. इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर - दक्ष


19. उपचारात्मक शिक्षण क्या है?
सही उत्तर - उपचारात्मक शिक्षण में शिक्षक विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी समस्याओं को पहचान कर दूर करता है तथा उनको ज्ञानार्जन की सही दिशा की ओर ले जाने का प्रयास करता है



20. उच्च प्राथमिक स्तर पर हिन्दी पढ़ने से सम्बंधित समस्याएं क्या हैं? तीन-चार पंक्तियों में लिखिए|
सही उत्तर - हिन्दी भाषा पढ़ने में समस्या , लेखन में समस्या , अशुद्ध उच्चारण आदि


Wednesday, October 20, 2021

निपुण भारत (NIPUN Bharat) व बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy- FLN) मिशन








निष्ठा (National Initiative for School Heads and Teachers Holistic Advancement- NISHTHA) के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy- FLN) के लिये एक विशेष पैकेज NCERT द्वारा विकसित किया गया है।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार 5 जुलाई 2021 को National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy (NIPUN Bharat) प्रोग्राम की शुरुआत की. यह कार्यक्रम नेशनल मिशन फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरैसी (Foundational Literacy and Numeracy- FLN) का हिस्सा है

निपुण भारत का उद्देश्य 3 से 9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की सीखने की जरूरतों को पूरा करना है इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का प्रत्येक बच्चा 2026-27 तक ग्रेड 3 के अंत तक मूलभूत साक्षरता और संख्यागणना कौशल आवश्यक रूप से प्राप्त कर सके।

शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने इस मिशन को लॉन्च करते हुए कहा कि 29 जुलाई 2020 को नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जारी की गयी। आज जरूरी है कि बच्चों की मूलभूत शिक्षा को स्कूल में ही पूरा किया जाये। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए वर्ष 2021-22 में 2688.18 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

बच्चे के दिमाग का 85% हिस्सा 6 साल की उम्र से पहले विकसित हो जाता है। निपुण भारत के तहत आधारभूत शिक्षा के लिए सीखने के परिणामों को 3 विकास लक्ष्यों में विभाजित किया गया है: स्वास्थ्य और कल्याण (HW), प्रभावी संवाद (EC) और सहभागी शिक्षार्थी (IL)। इसमें ग्रेड 2 तक 45 से 60 शब्द प्रति मिनट रीडिंग, ग्रेड 3 में 60 शब्द प्रति मिनट रीडिंग। न्यूमेरेसी में ग्रेड 1 में 100 तक, ग्रेड 2 में 999 तक , ग्रेड 3 में 9999 तक नंबर्स पढ़ना और लिखना सिखाया जाएगा।





Que - बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान का तात्पर्य स्कूली शिक्षा के बुनियादी स्तर में पर्याप्त ……का निर्माण करना है

सुनने और बोलने का कौशल
साक्षरता और संख्या ज्ञान
संगीत और नृत्य कौशल
ड्राइंग और कलर करने का कौशल

Ans : साक्षरता और संख्या ज्ञान




Que - NEP एफएलएन हासिल करने के लिए …….की समय सीमा निर्धारित की है

2035
2022
2030
2025

Ans - 2025


Que - मिशन मोड मे….. तक बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के महत्वपूर्ण भूमिका है

2023-26
2021-26
2025-26
2022-26


Ans - 2025-26





Que - ECCE का पूरा नाम क्या है

आरंभिक बाल विकास और शिक्षा
प्रत्येक बच्चा देखभाल और शिक्षा
बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा
बच्चों के लिए बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा

Ans - बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा



Que - ECCE की अवधि …..है

6 से 8 वर्ष की उम्र तक
3 से 8 वर्ष की उम्र तक
जन्म से 8 वर्ष की उम्र तक
2 से 6 वर्ष की उम्र तक


Ans - जन्म से 8 वर्ष की उम्र तक



Que - बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की रूपरेखा को कितने विकासात्मक लक्ष्यों में विभाजित किया गया है

Ans - तीन विकासात्मक लक्ष्यों में

Que - FLN का तीसरा वर्ष इस नाम से जाना जाता है

Preschool 3
Kindergarten
बाल वाटिका
स्कूल तत्परता कार्यक्रम
Ans - बाल वाटिका




निपुण भारत मिशन प्रेरणा फेज 2 शासनादेश दीपक कुमार प्रमुख सचिव 23 DEC 2021











Saturday, November 30, 2019

शिक्षा का अधिकार 2009





➣ Right to education (RTE) Act 2009 कब लागू किया गया – 1 अप्रैल 2010 ( जम्मू कश्मीर को छोड़कर )


➣ RTE का पूरा नाम क्या है। – निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (The right of children to free and compulsory Education Act, 2009)


➣ भारत शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार घोषित करने वाला विश्व का कौन सा देश बन गया है। – 135


➣ (RTE) निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की कौन सी धारा राज्य सरकार को नियम बनाने की शक्ति देती है। – धारा 38


➣ RTE 2009 के तहत अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए मानकों का विकास व लागू करने का अधिकार किसे होगा – केंद्र सरकार


➣ RTE Act – 2009 मे कुल धाराएं, अध्याय एवं अनुसूचियां कितनी है। – धाराएं-38, अध्याय-7, अनुसूची-1


➣ किस अध्याय में सर्वाधिक धाराएं हैं – अध्याय 4 (12-28) 16 धाराएं


➣ कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 के लिए विद्यार्थियों के लिए विद्यालय की दूरी कितनी होना चाहिए – 1 किलोमीटर के अंदर


➣ कक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 के लिए विद्यार्थियों के लिए विद्यालय की दूरी कितनी होना चाहिए – 3 किलोमीटर के अंदर


➣ एक 9 साल के बच्चा जो पहले कभी स्कूल नहीं गया हो को RTE के अनुसार किस कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा – चौथी कक्षा में( धारा 4 के अनुसार)


➣ निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार के रूप में किस अनुच्छेद में से जोड़ा गया – अनुच्छेद 21-A


➣ निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा (RTE) के अधिकार में किस आयु वर्ग के बच्चों को रखा गया है। – 6 से 14 वर्ष तक


➣ RTE 2009 के तहत प्राइवेट स्कूलों में कितने प्रतिशत सीटें निर्धन विद्यार्थियों के लिए आरक्षित होती हैं – 25%


➣ RTE को लोकसभा में कब पारित किया गया – 4 अगस्त 2009


➣ राज्यसभा में RTE एक्ट कब पारित किया गया – 20 जुलाई 2009


➣ RTE को राष्ट्रपति के द्वारा मंजूरी कब प्रदान की गई – 26 अगस्त 2009


➣ शिक्षा अधिनियम 2009 की किस धारा में छात्र एवं शिक्षक अनुपात का वर्णन है। – धारा 25 में


➣ शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक कक्षाओं में छात्र एवं शिक्षक का अनुपात कितना होता है – 30:1 (30 बच्चों पर 1 शिक्षक)


➣ RTE 2009 के अनुसार उच्च प्राथमिक स्तर पर अर्थात कक्षा 6 से 8 हेतु छात्र एवं शिक्षक का अनुपात होना चाहिए – 35:1 (35 बच्चों पर 1 शिक्षक)


➣ RTE 2009 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर एक अध्यापक को प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाना होगा – 4 घंटे


➣ RTE 2009 के तहत उच्च प्राथमिक स्तर पर एक अध्यापक को प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाना होगा – साढे 4 घंटे


➣ RTE की किस धारा में यह बताया गया है कि शिक्षक Private Tuition नहीं पढ़ा सकता। – धारा 28


➣ RTE एक्ट की कौन सी धारा अध्यापकों के कर्तव्य से संबंधित है। – धारा 24


➣ एक प्राथमिक शिक्षक को शिक्षक और तैयारी के लिए कितने कार्य घंटे प्रति सप्ताह RTE एक्ट 2009 के अंतर्गत विहित किए गए हैं – 45


➣ RTE 2009 के तहत शिक्षक के लिए 1 सप्ताह में न्यूनतम कितने घंटे कार्य होते हैं – 45 घंटे


➣ RTE 2009 के तहत प्राथमिक स्तर पर न्यूनतम शैक्षणिक घंटे का कार्य दिवस होते हैं – 800 घंटे 200 दिन


➣ RTE के तहत उच्च प्राथमिक स्तर पर न्यूनतम शैक्षणिक घंटे एवं कार्य दिवस होंगे। – 1000 घंटे, 220 दिन


➣ RTE Act – 2009 की किस धारा के अंतर्गत विद्यालय प्रबंधन समिति(School Management Committee) का प्रावधान है – धारा 21


➣ SMC (School Management Committee) का अध्यक्ष कौन होता है – अभिभावक ( Parent )


➣ यदि प्राथमिक स्तर पर 150 से अधिक बच्चे हो तो इनके लिए क्या प्रावधान है – एक प्रधानाध्यापक एवं 5 शिक्षक


➣ एक प्राथमिक विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक में कुल 62 विद्यार्थी है RTE अधिनियम 2009 के अनुसार वह कितने शिक्षक उपलब्ध कराने होंगे – 3 शिक्षक


➣ यदि प्राथमिक स्तर पर एक विद्यालय में कुल 240 बच्चे हैं तो इसके लिए कितने अध्यापक होंगे। – 6 अध्यापक


➣ उच्च प्राथमिक स्तर पर अर्थात कक्षा 6 से कक्षा 8 तक कितने बच्चे होने पर प्रधानाध्यापक की Appointment (नियुक्ति) होगी – 100 से अधिक


➣ RTE 2009 के अनुसार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक यदि प्रवेश दिए गए सदस्यों की संख्या 200 से अधिक है तो विद्यार्थी एवं शिक्षक का अनुपात क्या होगा – 40:1


➣ RTE 2009 की किस धारा में यह बताया गया है कि बच्चों को शारीरिक दंड देना और प्रताड़ित करना मना है – धारा 17


➣ RTE अधिनियम 2009 के अनुसार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को किस शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत पढ़ना चाहिए। – समावेशी शिक्षा व्यवस्था